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Thursday, 22 January 2015

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को तैयार ममता

Archana Singh 2paltak - 02:38

कोलकता. तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिमी बंगाल की मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी ने बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाए जाने को अनैतिक फैसला करार दिया है. उन्होंने मनमोहन सरकार को सत्ता से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने पर जोर दिया है.





 कुछ दिन पूर्व तक संप्रग की सहयोगी रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को केंद्र की संप्रग सरकार पर देश को लूटने और झूठ बोलने का आरोप लगाया.


 ममता बनर्जी ने फेसबुक पर लिखा कि देश को बचाने के लिए सरकार का जाना जरूरी है. क्या आम आदमी सुधारों से यही उम्मीद करता है सुधार के नाम पर लूट चल रही है. इसे दबाने के लिए झूठ चल रहा है झूठ.


 ममता दीदी ने कहा कि यह काफी संवेदनशील विषय है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अल्पमत सरकार इस तरह अनैतिक भूमिका नहीं निभा सकता. आइए हम सभी राजनीतिक दल विश्वास प्रस्ताव लाएं. हमने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया जाना और पेंशन क्षेत्र में 26 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दिए जाने लोगों की जीवनभर की बचत असुरक्षित हो जाएगी.


उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने स्कूल के गरीब बच्चों के भविष्य के बारे में कभी नहीं सोचा. वे केरोसीन, डीजल और एलपीजी की कीमतें अपनी इच्छानुसार बढ़ा रहे हैं और स्कूली बच्चों के मिड डे मील को बचाने की चिंता उन्हें नहीं है. लोगों के हित के लिए लड़ने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बेशर्मी से गरीबों पर प्रहार कर रही है जिसे मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी. अन्याय एवं अत्याचार के खिलाफ लड़ाई में मैं कोई कोर कसर नहीं छोड़ूंगी. पूरी जिंदगी मैं केंद्र की इस भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध लड़ती रहूंगी. केंद्र की लोक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने का आह्वान करते हुए तृणमूल काग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने उर्वरक की कीमतों में बढ़ोतरी की जिससे किसानों को नुकसान हुआ है.

बाल ठाकरे : ममता को समझाने में असफल मनमोहन देश को क्या समझायेंगे

Archana Singh 2paltak - 02:35

मुंबई : शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे (Bal Thackeray) ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक प्रधानमंत्री जो इस मुद्दे पर ममता बनर्जी जैसे पूर्व सहयोगी को समझाने में ‘नाकाम’ रहा, वह देश की जनता को कैसे समझा सकता है.






उन्होंने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि 21 सितंबर को प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन ‘बेहद हास्यास्पद’ रहा और लिखा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ‘ बहुत बेशर्मी से’ खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी और डीजल दामों में वृद्धि का बचाव किया.

राहुल गाँधी का अपमान किया कश्मीर के पंचायत सदस्यों ने

Archana Singh 2paltak - 01:51

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर पहुंचे राहुल गांधी को शुक्रवार को बहुत बार की तरह इस बार भी शर्मिंदगी लज्जित होना पड़ा, क्योंकि कई पंचायत नेता उनकी मीटिंग के बीच से ही उठकर चले गए. इन नेताओं ने कहा कि राहुल की मीटिंग में उनके हितों के लिए कोई बात नहीं हुई और वे उनसे खफा हैं.









ऐसा पहले भी कई बार उनकी मीटिंगों में हो चुका है. बाद में मीडियाकर्मियों ने जब राहुल से इस बारे में पूछा तो वह सवालों को टाल गए।. उन्होंने दुहराया कि वह रिश्तों को मजबूत करने के लिए यहां आए हैं. राहुल ने कहा, आशा है कि हम कोई दूसरा रास्ता निकाल लेंगे. पंचायतों को वे सभी अधिकार नहीं मिल रहे हैं जो उन्हें दिए गए हैं. इसके अलावा राहुल ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ लंबे वक्त के रिश्ते बनाने और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने का भी वादा किया.




उल्लेखनीय है कि पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच टकराव की खबरें थीं. राज्य में आतंकवादियों के हाथों कुछ पंचों और सरपंचों की हत्या के बाद राहुल ने इस बारे में राज्य सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने दिल्ली में एक मीटिंग के दौरान कहा था कि उमर अब्दुल्ला सरकार को चाहिए कि वह पंचायत सदस्यों को और ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराए. इन हमलों के बाद कई पंचायत सदस्यों ने इस्तीफा भी दे दिया था. 



क्यों  ऐसा देखने को मिलता है कि राहुल गाँधी जब भी, जहां भी बोलने जाते हैं वहाँ बहुत भीड़ जुटती है परन्तु जब वह मुंह खोलते हैं जनता उनकी अहितकर बातें सुनकर नाराज़ होकर चल देती है या कुर्सी खींच कर मारने लग जाती है ताकि खुद राहुल ही चल दें. इस पर कांग्रेसियों को सोचने की आवश्यकता है.

वाड्रा के बचाव में उतरे शरद पवार और लालू यादव

Archana Singh 2paltak - 01:44

नई दिल्ली. राबर्ट वाड्रा के खिलाफ अरविंद केजरीवाल के आरोपों के बाद टि्वटर पर भी वाड्रा और डीएलएफ के संबंधों की ही चर्चा है. इस मुद्दे पर सोशल मीडया में काफी तीखी प्रतिक्रियाएं हुई हैं. वहीं दूसरी ओर केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार, कांग्रेस अध्यक्ष और यूपीए प्रमुख सोनिया गाँधी के दामाद को बचाने में जुट गए हैं.








एनसीपी सुप्रीमो और केन्द्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि अगर केजरीवाल को लगता है कि उनके आरोपों में दम है तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं.

पवार ने कहा कि अब तो यह परंपरा बन गई है कि कोई भी आरोप लगा देता और चुप हो जाता है. बाद में न्यायिक जांच की मांग करने लगता है लेकिन ऎसे मामलों में कोई भी कोर्ट जा सकता है. केजरीवाल भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.


उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी वाड्रा का बचाव किया था.


अरविंद केजरीवाल के सहयोगी कुमार विश्वास ने कहा है कि वाड्रा ने भारत को बनाना रिपब्लिक कहकर देश का अपमान किया है.



वाड्रा देश के सबसे अहंकारी परिवार से हैं. इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने वाड्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

आजादी के बाद के सारे कोल आवंटन की जांच की जाय : नितिन गडकरी

Archana Singh 2paltak - 00:47

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष नितिन गडकरी ने 1947 के बाद से अबतक के कोल ब्लॉक आवंटन की जांच कराने की मांग की है.







सीवीसी के एनडीए सरकार के दौरान आवंटित कोल ब्लॉक की जांच कराने के आदेश से भाजपा गुस्से में है. बीजेपी यह बात नहीं पचा पा रही है कि 1993 से आवंटित कोल ब्लॉक की जांच क्यों कराई जा रही  है. गडकरी ने कहा कि सरकार न्यायपालिका और सीबीआई की दुरूपयोग कर रही है.



उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह 1947 से आवंटित कोल ब्लॉक की जांच करा ले. भाजपा पार्टी के पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है लेकिन सरकार विपक्ष को जबरन विवाद में घसीटना चाह रही है.

रॉबर्ट वाड्रा के खाते में कई सारी कम्पनियाँ

Archana Singh 2paltak - 00:39

हिन्दप्रभा डेस्क :  सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खाते में कई कंपनियां हैं. इनमें से स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, इसमें रॉबर्ट की मां मौरीन का भी नाम है.





इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस में भी रॉबर्ट और प्रियंका के नाम शेयर का बड़ा हिस्सा है. कई और कंपनियां भी रॉबर्ट के नाम पर दर्ज हैं. इनमें ब्लू ब्लीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, नार्थ इंडिया आईटी पार्क प्राइवेट लिमिटेड, रियल अर्थ स्टेट प्राइवेट लिमिटेड और स्काई लाइट रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं.


 इंडिया टुडे ने भी उनके साथ पार्टनरशिप में और कारोबार में लेन-देन का खुलासा किया था. इस प्रकार से वाड्रा का एक बड़ा आर्थिक साम्राज्य सामने आ रहा है.

फेसबुक छोड़ कर भागे वाड्रा

Archana Singh 2paltak - 00:34

हिन्दप्रभा न्यूज़. कांग्रेस अध्यक्ष और यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया है. सोशल साइट फेसबुक पर उन्होंने खुद को आम आदमी बताते हुए टिप्पणी की थी.



उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि माई न्यू स्टेट्स - मैंगो पीपल इन बनाना रिपब्लिक!!



आम आदमी!!



इस कमेंट के बाद वाड्रा ने रविवार देर रात को अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया.



 दरअसल 'बनाना रिपब्लिक' लैटिन अमेरिका के उन देशों में एक प्रचलित मुहावरा है जहा पर भ्रष्टाचार, माफियाराज और राजनीतिक अव्यवस्था का बोलबोला रहता है.



वाड्रा ने फेसबुक एकाउंट बंद करने से पहले अपने कमेंट में लिखा कि वो जो लिखते हैं वो खबर बन जाती है. लोगों में मजाक की समझ ही नहीं है. इसके बाद उन्होंने रविवार रात बारह बजे अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया.

 

अपने इस विवादित कमेंट में उन्होंने न सिर्फ केजरीवाल पर हमला बोलने की कोशिश की है बल्कि खुद को आम आदमी बताने की कोशिश में उन्होंने उन लोगों पर (जो वास्तव में आम आदमी हैं) चोट की है. उन्होंने आम आदमी की सोच पर सवाल उठाकर अपने को सही ठहराने की एक नाकाम कोशिश भी इस कमेंट के जरिए की है.



उनकी विवादित टिप्पणियों ने राष्ट्र के जन साधारण को बहुत दुखी कर दिया है. वाड्रा ने अपने किये पर माफ़ी मांगने के बजाय फेसबुक से भागना ही उचित समझा. अब देखना यह है कि वह भाग कर कहाँ जायेंगे.
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