Show Mobile Navigation

Random Post

Featured Post 8

Entertainment News

Friends Link

Maharashtra
Showing posts with label Maharashtra. Show all posts
Showing posts with label Maharashtra. Show all posts

Thursday, 22 January 2015

अरविंद केजरीवाल ने गडकरी से पूछे चार सवाल

Archana Singh 2paltak - 23:46

मुंबई / नई दिल्ली: अब सिंचाई घोटाला धीमे-धीमे महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल की तरह छा गया है.



महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी तो अभी तक इससे परेशान थीं ही, लेकिन अब ये घोटाला बीजेपी के भी जी का जंजाल बन गया है.







इंडिया अगेंस्ट करप्शन की अंजलि दमानिया ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी पर घोटाला दबाने में भूमिका हेने का आरोप लगाया. अब अरविंद केजरीवाल ने भी खुल कर बोल दिया है गडकरी पर हमला.







अरविंद ने कहा है कि," अंजलि दमानिया ने ये आरोप लगाया है कि वो नितिन गडकरी जी से मिली थीं और नितिन गडकरी जी ने सिंचाई घोटाले को ये कह कर मना कर दिया कि उनके शरद पवार जी के साथ अच्छे बिजनेस सम्बन्ध हैं और वो एक दूसरे के लिए काम करते रहते हैं. ये देश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है. क्योंकि आज विपक्ष में कोई भी नहीं है. देश के सबसे बढ़े विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष अगर सत्ता पक्ष लोगों से मिलकर बिज़नेस करेंगे तो फिर पक्ष और विपक्ष में कोई अंतर नहीं रह जाता. और इस देश के लोग किसके पास जाएँ तो हम नितिन गडकरी जी से सीधे सीधे चार सवाल पूछना चाहते हैं."



अरविंद के चार सवाल:









1. क्या आपने (नितिन गडकरी) सिंचाई घोटाले के मामले में आज तक एनसीपी, शरद पवार, अजित पवार की भूमिका को लेकर कभी भी प्रश्न उठाये? क्या आपने सिंचाई घोटाले का विरोध किया? अगर नहीं तो क्यों?



2. शरद पवार या उनसे सम्बंधित कंपनियों के साथ आपके क्या-क्या बिज़नस इंट्रस्ट है? ये बताया जाए, ये देश जानना चाहता है?



3. नितिन गडकरी जी ने कहा है कि चार काम शरद पवार जी उनके लिए करते हैं और चार काम वो शरद पवार जी के लिए करते हैं. देश ये जानना चाहता है कि वो कौन कौन से काम हैं जो शरद पवार जी ने नितिन गडकरी के लिए किए और नितिन गडकरी ने शरद पवार जी के लिए किए?




4. नितिन गडकरी जी के बिज़नस को लेकर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं. तो नितिन गडकरी अपने सारे डारेक्ट और इनडारेक्ट बिज़नेस इन्ट्रस्ट का खुलासा देश के सामने करें.

महाराष्ट्र : डिप्टी सीएम अजित पवार ने त्याग-पत्र दिया

Archana Singh 2paltak - 23:43

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार राज्य में पहले सिंचाई मंत्री भी थे. कुछ देर बाद उनके समर्थन में पार्टी के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष को सौंप दिया.







सम्भावना है कि बुधवार को विधायक दल की बैठक के बाद इस पूरे मसले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. वहीं इस खबर के बाद नाराज तमाम एनसीपी विधायकों ने कहा कि अब महाराष्ट्र सरकार को बाहर से समर्थन देना चाहिए. कहा जा रहा था कि अजित पवार ने तमाम ठेके बिना टेंडर निकाले ही अपने करीबियों को दे दिए थे. उन्होंने 1999 से 2009 के बीच एक दशक तक जल संसाधन मंत्री रहते हुए 2009 में विदर्भ सिंचाई विकास निगम (वीआईडीसी) की संचालक परिषद की मंजूरी के बिना 20 हजार करोड़ रुपये की 38 परियोजनाओं को मंजूर किया था लेकिन अजीत ने आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है.



अजीत ने आनन फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है. वह इसे मंजूर करने के लिए राज्यपाल को भेजेंगे. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि राक्रांपा की प्रगति से सहयोगी कांग्रेस जलती है.





आशा भोंसले की बेटी वर्षा ने आत्महत्या की

Archana Singh 2paltak - 23:19
मुंबई.  मशहूर गायिका आशा भोंसले की बेटी वर्षा ने सोमवार को अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.






वर्षा भोंसले पेशे से पत्रकार थी. साथ ही वह एक मशहूर पब्लिशिंग हाउस के लिए बतौर फ्रीलांसर काम करती थी. आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.


वर्षा भोंसले पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है. बताया जा रहा है कि वर्षा अपने तलाक को लेकर लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी. कुछ मीडिया रिपोर्टो के मुताबिक वर्षा ने नींद की गोलियां खा ली.



हालत गंभीर होने पर उसे जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसने दम तोड दिया. 55 साल की वर्षा अकेली रह रही थी.

बाल ठाकरे : ममता को समझाने में असफल मनमोहन देश को क्या समझायेंगे

Archana Singh 2paltak - 02:35

मुंबई : शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे (Bal Thackeray) ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक प्रधानमंत्री जो इस मुद्दे पर ममता बनर्जी जैसे पूर्व सहयोगी को समझाने में ‘नाकाम’ रहा, वह देश की जनता को कैसे समझा सकता है.






उन्होंने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि 21 सितंबर को प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन ‘बेहद हास्यास्पद’ रहा और लिखा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ‘ बहुत बेशर्मी से’ खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी और डीजल दामों में वृद्धि का बचाव किया.
Previous
Editor's Choice